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महज 3 वर्ष में पार्थ इंस्टीट्यूट ने दिखाई अपनी प्रतिभा

 पार्थ ने मनाया स्थापना दिवस, दिया संदेश

‘पढाई जिन्दगी समझों और उसको जी के पढो’


बस्ती । सोमवार को पार्थ कैरियर इंस्टीट्यूट का तीसरा स्थापना दिवस रोडवेज के निकट स्थित भवन पर मनाया गया। निदेशक रंजीत कुमार चौधरी ने कहा कि यह भरोसा नहीं था कि तीन वर्ष के भीतर पार्थ छात्रों, अभिभावकांे का भरोसा जीत पाने में सफल होगा। कहा कि बस्ती के छात्रों में ज्ञान की कमी नहीं है, उन्हें सही दिशा देने की भूमिका पार्थ के समर्पित शिक्षक निभा रहे हैं। बताया कि नीट, आई.आई.टी. की शिक्षा बहुत मंहगी है और अनेक अभिभावकों के सपने टूट जाते थे कि वे अपने पाल्यों को महानगर कैसे भेजे, पार्थ  उनके सपनों को साकार कर रहा है।
स्थापना दिवस पर युवा कवि अभिषेक श्रीवास्तव और अशरफ अली ने कविताओं के माध्यम से छात्रों को संदेश दिया। अभिषेक श्रीवास्तव की रचना ‘ मैं तुम्हारे प्रश्न का ही एक हल हूं, तुम अनन्तों तक हो, मैं केवल विरल हूं’  को छात्रों ने सराहा। अशरफ अली ने कुंछ यूं कहा- ‘ फटी किताब की जिल्दें हो उसको सी के पढो, पढाई जिन्दगी समझों और उसको जी के पढो’ ने छात्रों को संदेश दिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सुधांशु रंजन, अब्दुल जफर, शाहिद जमा, पाटनदीन मिश्र, प्रेरणा राजपूत, नन्दनी गुप्ता, अंशुमान, विनय वर्मा, सुमन, हर्षित, इशिका, तान्या आदि ने अपने अनुभवों को साझा किया। 

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