उत्तराखंड कांग्रेस सहित विपक्ष को राहुल गाँधी के माध्यम से एक एकजुट होने का बड़ा मोका मिल गया है ।जिससे आगामी चुनाव से पहले विपक्षी दल एक मंच पर आकर अपनी एकजुटता का परिचय दे सके । देहरादून में भी इसकी शुरुवात हो चुकी है ।जिसमे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक सर्वदलीय बैठक आहूत की है । जिसमे सपा,बसपा,यूकेडी,सीपीआइ,आरजेडी आदि दलों के नेता मोजूद रहे ।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राहुल गाँधी को लेकर विपक्षी दलों को एक जुट करना शुरू कर दिया है ।जिसमे पूर्व मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया । जिसमे सपा-बसपा-सीपीआइ-आरजेडी-लोक दल आदि के प्रतिनिधि मोजूद रहे ।इस सर्वदलीय बैठक में विभिन्न सामाजिक दलों के नेता भी मोजूद रहे और उन्होंने भी विपक्षी दलों को मजबूत करने के लिए सहयोग देने की बात कही ।
लोकत्रंत में विपक्ष को बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी अब नये सिरे अपनी शुरुवात करना चाहती है।जिसमे पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत ने सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया और विपक्षी दलों को एक मंच पर आने के लिए प्रेरित किया। विपक्षी दलों ने भी कांग्रेस का साथ देने के लिए हामी भरी और कहा की लोकत्रंत के लिए इस समय सभी ताकतों का एकजुट होना जरुरी है / कांग्रेस के वरिष्ट नेता पूर्व मुख्यमंत्री हरिह्स रावत ने कहा की जो लोग विपक्ष की आवाज दबाना चाहते है । लोकत्रंत की स्वत्रंता छिनना चाहते है ।उसके लिए लड़ना जरुरी है ..और इसी लड़ाई को लड़ने के लिए राहुल गाँधी भी आगे आये थे ,जिन्हें कुचलने का काम सत्ताधारी दल के नेताओं ने किया है ।
राहुल गाँधी के माध्यम से विपक्षी दल एक जुट होने लगे है। लेकिन सत्ताधारी दल को ये सब अब भी कोर्ट के आदेशो की अवेहलना नजर आते है । कांग्रेस की माने तो भाजपा नेता राहुल गाँधी से भी ज्यादा बदजुबानी करते है ।लेकिन तब कोई कुछ नहीं करता है । लेकिन राहुल गाँधी जब आवाज उठाते है तो उनके खिलाफ सत्ता का दुरपयोग कर भाजपा कार्यवाही करती है ,जबकि सत्ताधारी दल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मेहन्द्र भट्ट का कहना है की उनकी कांग्रेस को अब भी छोटी सी सलाह है की न्यायलय के खिलाफ जाने से अच्छा है की उसकी शरण में जाए और अपनी लड़ाई लड़े ।





