धौरहरा ग्राम पंचायत में साहब का इंतजार कर रही शौचालय में पड़ी कुर्सियां
कैसे हो ग्रामीण विकास के सपने पूरे, जब पंचायत भवन ही पड़े अधूरे
जनपद के विकासखंड साथां में पंचायत भवनों के निर्माण कार्यों में लापरवाही सामने आ रही है। कई ग्राम पंचायतों में अभी भी पंचायत भवन अधूरे हैं।जिसके कारण ग्रामीणों को ब्लाक मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। कई ग्राम पंचायतों में भुगतान होने के बाद भी अभी भी पंचायत भवन अधूरे हैं। जिससे अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।गांवों में पंचायती राज व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बनाने का निर्देश दिया था। इस निर्माण के पीछे मंशा थी कि लोगों को ब्लाक स्तर की सुविधाएं गांवों में मिलने लगेंगी। जिससे ग्रामीणों को गांव में ही परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म प्रमाण पत्र, मत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही साथ विकास कार्यों का खाका भी एक भवन के नीचे बैठकर खींचा जा सकेगा। वर्ष 2020-21 में जगह-जगह पंचायत भवनों का निर्माण शुरू हुआ। लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते आज भी परियोजनाएं अधूरी है और जिम्मेदार कागजों पूर्ण दिखाकर वाहवाही लूटने में लगे हुए हैं। ऐसा ही साथां ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत धौरहरा में पंचायत भवन का निर्माण आधा अधूरा हो पडा है और जिम्मेदार द्वारा संचालित दिखा कर प्रशासन से वाह-वाह लूटी जा रही है। वहीं परेशान ग्रामीणों का कहना है कि जब योजनाओं का संचालन पंचायत भवन से नहीं करना था तो आखिरकार जनता का लाखों रुपए क्यों बर्बाद किया गया। आज भी हम लोगों को परिवार रजिस्टर की नकल सहित कोई भी कार्य हो तो ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मिलते ही नहीं मजे की बात तो यह है कि पंचायत भवन पर पंचायत सहायक तैनाती तो कर दी गई है लेकिन वह कहां बैठते हैं इसकी भी जानकारी हमें नहीं है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि ब्लॉक के जिम्मेदारों पर सरकार के आदेशों का ना कोई प्रभाव है और ना ही कोई डर ।पूरे मामले पर जब ग्राम पंचायत अधिकारी से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो उनका नंबर नॉट रिचेबल रहा ।
■क्या कहते हैं जिम्मेदार
इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार ने कहा कि शासन की मंशा है कि सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को सुविधाएं मिले जिसको लेकर पंचायत भवन का निर्माण तीव्र गति से चल रहा है मामला हमारे संज्ञान में नहीं अगर ऐसा है तो जांच करा कर उसे पूर्ण कराया जाएगा और लोगों को जल्द से जल्द सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, अगर इसमें कर्मचारियों की लापरवाही मिली तो उन पर भी कार्रवाई होगी।





