समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज बिजनौर एक निजी कार्यकर्म के दौरे पर पहुंचे। इस कार्यक्रम के तहत अखिलेश यादव सबसे पहले अफजलगढ़ के पूर्व विधायक व वरिष्ठ सपा नेता शेख सुलेमान के घर पहुंचे और उनसे बातचीत की।इसके बाद अखिलेश धामपुर विधानसभा क्षेत्र में सपा के हाजी शेर अली मृतक के परिवार वालो से मिले व सांत्वना देने पहुंचे उसके बाद नगीना के सपा विधायक मनोज पारस के बेटे की शादी समारोह में शिरकत करने पहुँचे।
वीओ।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि अगर लोकतंत्र को बचाना है तो जनता के सभी लोगो को एक साथ मिलकर बीजेपी के खिलाफ वोट करना पड़ेगा। साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को एक बार फिर से रोकने के लिए समाजवादी पार्टी द्वारा गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी की जाएगी।साथ ही गठबंधन के प्रत्येक साथियों को एक साथ जोड़कर लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी की जाएगी। पत्रकारों के पूछे गए सवाल पर अखिलेश ने कहा कि विधानसभा चुनाव में प्रशासन व बीजेपी ने जो रास्ता अपनाया था क्या उससे आप लोग वाकिफ नहीं है। यह हमारे धामपुर के प्रत्याशी नईम उल हसन खड़े हैं मात्र केवल 204 वोटों से हार हुई है। जिसके बाद इस हार को लेकर एक वीडियो क्लिप भी बीजेपी का वायरल हुआ था। जब हमारी सरकार बनेगी तो मेरे द्वारा इस पूरे ऑडियो प्रकरण की जांच कराई जाएगी और उन लोगो के खिलाफ कार्यवाही कराई जाएगी जो सपा को हराने में इस खेल में शामिल रहे।अखिलेश ने पत्रकार द्वारा स्वामी प्रसाद मौर्या के बुलडोजर वाले मामले में अखिलेश से सवाल-जवाब किया तो अखिलेश ने कहा कि मैंने अखबार के माध्यम से पढ़ा है कि बनारस में 20,000 से ज्यादा बिल्डिंग बीजेपी की जो पूरी तरह से अवैध है।लेकिन इसके बावजूद भी उन बिल्डरों को गिराया नहीं जा रहा है।साथ ही अभी हाल फिलहाल में ही बरेली के साजिल नाम के शख्स का पेट्रोल पंप को बुलडोजर द्वारा गिरा दिया गया था उसके बाद मैंने अपने कार्यकर्ताओं को वहां भेजकर जांच करने के लिए कहा था। जिसके बाद पता चला कि बीजेपी के कई पेट्रोल पंप और होटल अवैध रूप से है जो इनलीगल है इन्हें बीजेपी द्वारा या कि उद्योग पति कभी नंबर दो पर हुआ करते थे आज वह किस नंबर पर है। साथ ही एलआईसी और एसबीआई का पैसा डूबा है कि नहीं डूबा है।ईडी और सीबीआई के छापे को लेकर अखिलेश ने कहा कि बीजेपी द्वारा इनका दुरुपयोग किया जा रहा है। ईडी और सीबीआई का छापा केवल विपक्ष और पत्रकार साथियों पर पड रहा है।





