विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र नटौआ में 39 वर्षों से चल रहा रास्ते का विवाद गुरुवार को समाप्त हो गया। यह विवाद राजस्व टीम व प्रधान के पहल पर सुलह-समझौते के आधार पर समाप्त हुआ।
नटौवा ग्राम पंचायत के पूरे सुखराम पुरवा में आधा दर्जन घरों के निवासी रास्ते के लिए शासन-प्रशासन से 39 वर्ष से रास्ते की मांग कर रहे थे। यहां के लोग गांव में खेत की मेड़ से होकर अपने घरों को आते-जाते थे। मामला एसडीएम हरैया गुलाब चंद के सामने भी आया। उन्होंने समस्या को गंभीरता से लेते हुए राजस्व टीम बनाया और मौके पर भेजा। राजस्व टीम ने सभी पक्षों से वार्ता करते हुए सुलह-समझौते के आधार पर मामला निस्तारित कराया।
पूरे सुखराम पुरवा में कन्हैया के घर से नटौवा सेवरा पिच मार्ग को जोड़ने का रास्ता नहीं था। यह दूरी 150 मीटर पड़ती है। 150 मीटर के इस रास्ते के न बनने से फूलपता, रविंदर पाठक, अर्जुन दुबे, रामनिवास चौहान, भारतराम चौहान, बाबूराम चौहान के घर के लोग 39 वर्षो से मेड़ के रास्ते आने-जाने पर मजबूर थे। महिला फूलपति की शिकायत पर एसडीएम हरैया गुलाब चंद्र ने टीम गठित किया । गांव में रास्ते के लिए बंजर भूमि, भारतराम, बाबूराम व कन्हैया के खेत से एक लठ्ठे की जमीन रास्ते के लिए बातचीत के आधार पर लिया गया।





