सुल्तानपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 2-2 बच्चों की मांओं ने रचाई शादी, 10 हजार में हुई सरकारी पैसे की सौदेबाजी
सुल्तानपुर में एक-दो नहीं पूरे 34 मामले ऐसे प्रकाश में आए हैं जहां दो-दो बच्चों की मांओ को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ दिया गया। प्रकरण बल्दीराय व कुड़वार ब्लॉक से जुड़ा है। समाज कल्याण अधिकारी ने घोर लापरवाही बरती, लेकिन उन्हें एक माननीय के करीबी होने का पूरा लाभ दिया गया। तूल पकड़ते मामले में डीएम ने ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित और एडीओ पर कार्रवाई की संस्तुति कर जांच के आदेश देते हुए मामले को ठंडे बसते में डालने का प्रयास किया है।
11 जुलाई को बल्दीराय विकास खंड में 81 और 12 जुलाई को कुड़वार ब्लॉक में 67 जोड़ों की मुख्यमंत्री सामूूहिक विवाह योजना के तहत शादियां कराई गई। दोनों ही स्थानों पर सरकारी धन का बड़े स्तर पर बंदर बाट हुआ। बल्दीराय के महुली गांव की सरिता व शांति ननद-भौजाई हैं। सरिता की शादी लगभग आठ वर्ष पूर्व राजू के साथ हुई, उसे दो पुत्र हैं। बड़ा पांच वर्ष का और व छोटा लगभग सात माह का है। 12 जुलाई को कुड़वार में सरिता की शादी उसके अपने पति से ही करा दी गई। शांति पुत्री भगेलू की भी इसी दिन शादी कराई गई। हालांकि पांच वर्ष पूर्व उमरा गांव में उसकी शादी हो चुकी है, और उसे एक साल का बेटा भी है।
महुली गांव निवासी रामावती की पुत्री उमा की शादी दो वर्ष पूर्व बल्दीराय में कराई गई थी। 12 जुलाई को फिर उसकी शादी कुड़वार ब्लॉक में करा दी गई। अबतक उसे पैसा भी नहीं दिया गया है। भखरी निवासी दुखछोर की पुत्री रीतू की शादी गौरापरानी गांव में हुई है। 11 जुलाई को उनकी शादी फिर उन्हीं के पति से बल्दीराय ब्लॉक में करा दी गई। महुली निवासी गुड़िया (42वर्ष) पुत्री श्रीराम, क्रांति (38वर्ष) पुत्री श्रीप्रसाद, मंजू (32वर्ष) पुत्री शोभनाथ की शादी भी कराई है। शादी कराने वाली महिलाओं ने स्वीकार किया है कि शादी कराकर लाभान्वित करने के लिए उनसे 10-10 हजार रुपये लिए गए हैं।
महिलाओं से पैसे लेने वाली कंचन मनरेगा महिला मेट है। वो पूर्व में समूह में भी कार्य कर चुकी है। महुली ग्रामसभा की मनरेगा मेट की माने तो शादी के लिए आए आवेदनपत्र की पात्रता का सत्यापन होना कोई जरूरी नहीं है। उसका दावा है कि जितना लोग का चाहोगे सबकी शादी करवा दी जाएगी। सूत्रों की माने तो कंचन सीधे सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण अभिषेक गिरी के माध्यम से इन अपात्र महिलाओं की शादी दस हजार रूपए लेकर करवाती है। जिसे ऊपर तक देने की बात उसने महिलाओं से बताई है। ग्राम पंचायत सचिव राहुल यादव की बातों से भी होता है।उनका कहना है कि नियमानुसार होने वाला पात्रता सत्यापन उनसे नहीं कराया गया है।





