मुख्तार अंसारी और उनके परिवार के खिलाफ कानून का शिकंजा कम होने के बजाय लगातार नए-नए मामले में बढ़ता ही जा रहा है और ऐसा ही एक मामला जिसमें 24 फरवरी को गाजीपुर के सदर कोतवाली में मुख्तार अंसारी के पत्नी अफशा अंसारी उनके दोनों साले और एक अन्य के खिलाफ धारा 406, 420,386 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा विकास कंस्टक्शन कंपनी के पार्टनर के साथ धोखाधड़ी कर उक्त कंपनी को हथियाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।
आपको बता दें कि साल 2007 में मसूद आलम पुत्र इनामुल हक निवासी सैयदबाडा गाजीपुर के साथ रविंद्र नारायण सिंह और मदीना इन तीन लोगों ने विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी खोला था और साल 2010 और 2012 में अवैधानिक तरीके से मसूद आलम और मदीना को इस कंपनी से बाहर कर दिया गया और उसमें मुख्तार अंसारी के साले आतिफ राजा व अनवर शहजाद के साथ ही उनकी पत्नी अफ्शा अंसारी और एक अन्य व्यक्ति जाकिर हुसैन इस कंपनी में पाटनर हो गए।
इस कंपनी में मसूद आलम का करीब 76 लाख रुपया के साथ ही करीब 2.5 से 3 करोड़ रुपए का भी अवैधानिक रूप से हड़प लेने का मामला सामने आया इसी को लेकर मसूद आलम ने थाना कोतवाली में 24 फरवरी को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है।
इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि विकास कंस्टक्शन कंपनी मैं गलत तरीके से मसूद आलम और मदीना को कंपनी से बाहर कर मुख्तार अंसारी की पत्नी उनके दोनों साले और एक अन्य व्यक्ति जाकिर हुसैन को इस कंपनी का पाटनर बना दिया गया और करीब ढाई से ₹3 करोड़ इन लोगों का गबन कर लिया गया जिसको लेकर पीड़ित मसूद आलम की तरफ से तहरीर दिया गया जिस पर विभिन्न धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है साथ ही उन्होंने बताया कि इस मामले की विवेचना के दौरान और कई नाम आ सकते हैं।
बताते चलें कि विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी जो गाजीपुर के फतेहुल्लहपुर में और इसी कंपनी के नाम पर एफसीआई का गोदाम बनाया गया था जिसमें अफ्शा अंसारी और उनके दोनों साले आसिफ रजा और अनवर शहजाद पर मुकदमा भी दर्ज है और इसी मामले में आतिफ रजा और अनवर शहजाद को जेल की सलाखों तक भी जाना पड़ा था और विकास कंस्ट्रक्शन के नाम पर चलने वाले एफसीआई गोदाम के साथ ही अवैध रूप से बनाई गई सड़क को भी पुलिस ने पिछले दिनों कुर्क करने की कार्रवाई कर चुकी है।





