सीजेएम हरिकेश कुमार ने आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद संजय सिंह के खिलाफ सम्मन जारी करने और दस अप्रैल को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है।
आरोप है कि संजय सिंह ने सद्भाव बिगाड़ने, विभिन्न समुदायों के बीच शत्रुता व वैमनस्यता की भावना पैदा करने के आशय से बयान दिया था।विशेष लोक अभियोजक अच्युतानन्द शुक्ला ने बताया कि बखिरा क्षेत्र के बभनी निवासी राधेश्याम मौर्य ने बखिरा थाने में तहरीर दिया। जिसमें कहा कि वह सामाजिक कार्यकर्ता है तथा मोर्य समाज का नेतृत्व करते है। 12 अगस्त 2020 को आम आदमी पार्टी के दिल्ली राज्य के राज्य सभा सांसद संजय सिंह अपने सहयोगी व समर्थक सभाजीत सिंह तथा ब्रज कुमारी आदि के साथ प्रेस वार्ता कर रहे थे। 13 अगस्त 2020 को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। संजय सिंह ने मुख्य आरोप लगाया कि प्रदेश में लोगों को चुन-चुन कर मारा जा रहा है। ब्राह्मणों पर अत्याचार हो रहे हैं भाजपा के 58 विधायक ब्राह्मण है और वह भी गुस्सा हैं। प्रेस वार्ता में तमाम तरह के आपत्तिजनक और समाज में कटुता पैदा करने वाले बयान दिए थे। आरोप है कि उन्होंने संवैधानिक मर्यादा का भी उल्लंघन किया। संजय सिंह आदि का कार्य अपराध की श्रेणी में आता है। उनके प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना बखिरा में मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित हुआ। न्यायालय ने आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के बाद आरोपी राज्य सभा सांसद संजय सिंह के खिलाफ पुनः सम्मन जारी करने और दस अप्रैल को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है।अब देखने वाली बात होगी कि संजय सिंह इस नोटिस को किस तरह लेते है।





