अयोध्या मेंआज भव्य तरीके से श्री राम जन्म उत्सव मनाया जाएगा ।दोपहर 12:00 बजे भगवान रामलला के मंदिर में भगवान राम लला का जन्म उत्सव मनाया जाएगा ।
इसकी तैयारियां भी पूरी कर ली गई है भगवान रामलला के अस्थाई मंदिर को फूलों से सजाया गया है और भगवान राम लला का जहां पर गर्भ ग्रह बन रहा है उस स्थान को भी सजाया गया है। यानी की पूरा राम जन्मभूमि परिसर को सजाया गया है माना जा रहा है कि लगभग 1 लाख श्रद्धालु भगवान राम लला का दर्शन पूजन कर सकते हैं ।क्योंकि इस बार भगवान रामलला के अस्थाई मंदिर में यह अंतिम जन्मोत्सव है ।जिसकी धूम पूरी अयोध्या में दिखाई दे रही है ।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरी तैयारी की है कि इस बार के जन्म उत्सव को बेहद खास बनाया जाए इस बार पूरे 9 दिन तक सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं साथ ही पूरे 9 दिन तक भगवान रामलला को नए वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं ,और इस बार रामलला के भोग के लिए 4 तरीके के पंजीरी बनाई गई है ।साथ ही फल होंगे मिष्ठान होंगे। यह सारे प्रसाद भगवान रामलला को भोग लगाया जाएगा और जो भोग लगा हुआ प्रसाद होगा वह राम भक्तों में वितरित किया जाएगा और इस बार भगवान श्रीराम के जन्म उत्सव पर पर्यटन विभाग ने भी राम भक्तों को बड़ी सौगात दी है अब राम भक्त हवाई यात्रा से पूरी अयोध्या का भ्रमण कर सकेंगे और साथी मंदिर निर्माण कार्य को भी देख सकेंगे।
रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि इस बार अस्थाई मंदिर में अंतिम बार श्री राम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है ।रामलला के मंदिर को इसलिए विशेष रूप से सजावट किया गया है भगवान राम लल्ला को नए वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं और 9 दिनों तक कलश की स्थापना की गई है ।सभी देवी देवताओं का पूजन अर्चन किया जा रहा है और भगवान रामलला के लिए एक कुंतल पंचामृत बनाया जाएगा और उस पंचामृत में भगवान रामलला को स्नान कराया जाएगा और फिर वह पंचामृत सभी राम भक्तों में वितरित किया जाएगा ।इस बार चार प्रकार की पंजीरी बनाई गई है और यह पंजीरी रामलला का दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। रामनवमी इस वर्ष की अस्थाई मन्दिर में अंतिम बार मनाई जा रही है इसलिए विशेष रूप से उसका सजावट हुआ है ।रामलला के मंदिर का और नवीन वस्त्र रामलला को पहनाई जा रही है 9 दिनों तक कलश स्थापना हुआ है सभी देवी देवताओं की पूजन अर्चन हुई है और हो रही है 9 दिनों तक साथ ही साथ नवमी के दिन जिस दिन श्रीराम का प्रकट उत्सव मनाया जाएगा। उस दिन भव्यता दिव्यता के साथ पंजीरी पंचामृत मिष्ठान फल फूल यह सब के सब भोग लगाकर और भक्तों को वितरण किया जाएगा बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है क्योंकि इसके बाद जो राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा वो भव्य दिव्य मंदिर में मनाया जाएगा जो अभी बन रहा है बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें इस रुप से ट्रस्ट के प्रयास है की इस प्रकार मनाया जाए रामलला का जन्म उत्सव की यादगार रहे की अस्थाई मंदिर में भी रामलला का जो मंदिर का उत्सव मनाया गया राम जन्म का बहुत ही भव्य दिव्य और बहुत ही सुंदर रहा और पेड़ा बना है। वह बटेगा उसके बाद में जो फल जितने उपलब्ध हो जाएंगे वह बाटेंगे एक कुंतल पंचामृत बना है वो बटेगा उसी में रामलला का स्नान होगा इस प्रकार से भव्यता और दिव्यता के रूप से चार प्रकार की बहुत पंजीरी है सबको मिल जाए इतना है इस प्रकार से भव्यता और दिव्यता के रूप से मनाया जा रहा है ।जो अपने आप में अद्वितीय है बहुत ही विलक्षण है और उसका भी दर्शनार्थी दर्शन कर करके प्रसाद ले करके अपने आपको इस वर्ष का जो रामनवमी है उत्सव है उसको देख कर के प्रसाद ले कर के अपने आपको धन्य समझेगे श्रद्धालु देख कर के प्रसाद लेकर के अपने आप को धन्य समझेंगे।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि गर्भ ग्रह निर्माण स्थल को फूलों से सजाया गया है और इस बार 1 लाख राम भक्तों में प्रसाद वितरित किया जाएगा और भगवान राम लला का जन्मोत्सव दोपहर 12:00 बजे मनाया जाएगा। निर्माण स्थल पर गर्भ गृह फूलो से सज्जा होगी कोशिश की जाएगी एक लाख लोगों को भगवान के जन्म का प्रसाद मिले इतनी तैयारी हो रही है शेष जो होता है 12 बजे आरती होगी जो कुछ परंपरा होगी वह करेंगे।





