श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह के विवादित स्थल की होगी अमीन सर्वे ,कोर्ट ने दिए आदेश,17 अप्रैल तक अमीन नक्शे सहित कोर्ट में पेश करेगा रिपोर्ट।
श्री कृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ भूमि को मुक्त कराने और शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने के लिए हिंदू सेना के प्रमुख विष्णु गुप्ता ने भगवान बालकृष्ण बनाम इंतजामियां कमेटी के नाम से सिविल जज जूनियर डिवीजन थर्ड की अदालत में दावा दायर किया था। जिसमें शाही ईदगाह कमेटी ,सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ,श्री कृष्ण जन्मभूमि सेवा संस्थान ,श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को प्रतिवादी बनाया था । बादी की तरफ से सभी को नोटिस तामील कराए गए ।8 दिसंबर को यह दावा दाखिल किया गया ,और उसी दिन कोर्ट ने विवादित स्थल पर अमीन भेज कर नक्शे सहित रिपोर्ट मंगाने के आदेश जारी कर दिए।
लेकिन मुस्लिम पक्ष ( सुन्नी सेंट्रल बोर्ड और शाही ईदगाह कमेटी )ने कोर्ट में ऑब्जेक्शन दाखिल किया कि पहले 7 रूल 11 के तहत दावे पोषणीयता पर सुनवाई की जाए, कोर्ट ने 7 रूल 11 पर सुनवाई के आदेश जारी कर दिए।लेकिन अमीन सर्वे वाले आदेश को कोर्ट ने न स्थगित किया था , और ना ही उस आदेश पर कोई टिप्पणी की थी ।सिविल जज जूनियर डिविजन थर्ड की अदालत रिक्त होने के चलते इस दावे को सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट नीरज गोंड की अदालत में ट्रांसफर कर दिया था ।आज वादी पक्ष के अधिवक्ता शैलेश दुबे ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि 8 दिसंबर 2022 को कोर्ट ने जो आदेश अमीन सर्वे के लिए किए थे ,उसमें रिट जारी की जाए, रिट जारी में सुन्नी सेंट्रल बोर्ड और शाही ईदगाह कमेटी अवरोध उत्पन्न कर रहे, जो आदेश कोर्ट ने अमीन रिपोर्ट के लिए जारी किया था, उस पर अभी तक किसी भी अदालत से कोई स्थगित आदेश नहीं है। और ना ही अदालत ने उस आदेश पर कोई टिप्पणी की है ।वादी पक्ष के अधिवक्ता शैलेश दुबे के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रेक कोर्ट नीरज गोंड ने आदेश जारी किया के 8 दिसंबर 2022 को कोर्ट द्वारा जो आदेश अमीन रिपोर्ट के लिए जारी किया गया था, उस आदेश में अमीन आख्या तलब हो।अब 17 अप्रैल तक अमीन विवादित स्थल के नक्शे सहित रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगा।अमीन आख्या तलब के आदेश होने पर प्रतिवादी पक्ष में हड़कंप मच गया ,और कोर्ट से बार-बार आदेश को बदलने का अनुरोध करने लगे, और कहा पहले दावे की पोषणीयता पर सुनवाई हो ,कोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष की दलील सुनने के बाद आदेश को पारित कर दिया ।अब विवादित स्थल पर अमीन जाकर सर्वे करेगा और उसका नक्शा सहित रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश करेगा ।अभी यह तय नहीं हुआ है कि अमीन कब जाएगा और उस अमीन के साथ कौन-कौन लोग जाएंगे ।अमीन सर्वे के आदेश से शाही ईदगाह कमेटी और सुन्नी सेंट्रल बोर्ड अमीन सर्वे को रोकने की रणनीति बनाने में जुटे हैं ।





