पूर्व सैनिकों ने वन रैंक वन पेंशन में तमाम विसंगतियों को दूर किए जाने के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन।
वन रैंक वन पेंशन में तमाम विसंगतियों को दूर करने के लिए आज पूर्व सैनिकों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर राष्ट्रपति के पास भेजने की अपील की है ।पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि जवान लगभग 40 वर्ष की उम्र में रिटायर हो जाता है। उस समय बच्चों की शिक्षा, शादी ब्याह, परिवारिक भरण पोषण एक बड़ी समस्या के रूप में सैनिक के समक्ष रहती है। जबकि अधिकारी 58 से 61 वर्ष के उम्र में रिटायर होते हैं और उस समय तक उनके बच्चे अपने पैर पर खड़े हो चुके होते हैं ।ऐसे में सैनिक किसी पद या पदाधिकारी अथवा भारत सरकार या सरकार की नीतियों का विरोध नहीं करते हैं। लेकिन तमाम बिंदुओं पर विसंगतियों को दूर करने के लिए सरकार को कदम आगे बढ़ाना चाहिए ।ऐसी तमाम विसंगतियों को दूर करते हुए पूर्व सैनिकों ने 11 मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति को पत्र भेजा है और उम्मीद की है कि सैनिकों पूर्व सैनिकों के उच्च मनोबल को बनाए रखने के लिए और पारिवारिक दायित्वों का यथोचित निर्माण करने के लिए अवश्य ही कोई बड़ा निर्णय लिया जाएगा।





