कलयुग का श्रवण बना पोता
दिल्ली हरिद्वार नेशनल हाईवे 58 पर कावड़ियों की धूम शुरू हो गई है। जिसके चलते कावड़ियों का हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य स्थान की ओर बढ़ना शुरू हो गया है। हालांकि अभी बहुत ही कम संख्या में शिव भक्त कावड़िये आए है। क्योंकि अगामी 4 जुलाई से श्रावण महा शुरू हो रहा है। और श्रावण महा भगवान भोले शंकर का सबसे पसंदीदा महीना है । जिसमें शिवभक्त कावड़िए हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य स्थान की ओर जाते हैं।वही आज जनपद में एक अनोखे कावड़ियो की टोली देखने को मिली है। जिसमें एक कावड़िया श्रवण के भेष में है। और आज कलयुग का श्रवण अपने माता पिता को नहीं बल्कि अपने बुजुर्ग दादा और दादी को कावड़ में बैठाकर हरिद्वार से गाजियाबाद की ओर बढ़ रहा है। गुरुवार को भोला राहुल सैनी अपने 86 वर्षीय दादा और दादी को कावड़ में बैठा कर अपने गांव सालकपुर फरकुनगर गाजियाबाद कलयुग का यह श्रवण प्रतिदिन 10 किलोमीटर अपने 86 वर्षीय दादा धन्नू और अपनी 82 वर्षीय दादी बलवीरी को लेकर 20 जून हरिद्वार से गंगाजल लेकर चला है। और अगामी 14 जुलाई तक अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचने का लक्ष्य है। भोला राहुल सैनी महाशिवरात्रि के 1 दिन पहले अपने गांव पहुंच जाएगा। कलयुग के श्रवण राहुल सैनी का कहना है कि वह कई साल से कावड़ लेकर आ रहा है 1 दिन उसके दादा और दादी ने कहा कि हमें भी हरिद्वार घुमा दे , राहुल ने उसी दिन ठान ली थी कि वह अपने दादा और दादी को कावड़ में बैठाकर बैठा कर हरिद्वार से लाऊंगा।
शिव भक्त भोले ने कहा कि आज के कलयुग इस जमाने में देखने को मिलता है कि युवा नशा करने लगते हैं और अपने दादा दादी वह माता-पिता को अनाथ आश्रम या वृद्धा आश्रम में छोड़ देते हैं। ऐसे युवाओं को संदेश देते हुए राहुल सैनी ने कहा कि सभी को अपने बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए।





