बीएसपी सांसद रहे अफजाल अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद उनके बड़े भाई शिबगतुल्लाह अंसारी ने जताई खुशी।
अफजाल अंसारी को गाजीपुर की गैंगेस्टर कोर्ट ने सुनाई थी चार साल की सजा, हाई कोर्ट से मिली थी जमानत, अब सुप्रीम कोर्ट ने दी है राहत।
शिबगतुल्लाह अंसारी ने इसे न्याय की जीत बताया है
शिबगतुल्लाह अंसारी ने कहा कि अगर पार्टी ने मौका दिया तो फिर लड़ेंगे दो हजार चौबीस का लोकसभा चुनाव।
गाजीपुर के बीएसपी से सांसद रहे अफजाल अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से राहत की खबर मिली है गैंगस्टर मामले में गाजीपुर की कोर्ट से सजा पाए अफजल अंसारी को हाईकोर्ट ने जमानत तो दे दी थी लेकिन सजा पर रोक नहीं लगाया था इसके खिलाफ अफजाल अंसारी सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर किए थे जिसमें पिछले दिनों अफजाल अंसारी को राहत भरी खबर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मिली है इस मामले में अफजाल अंसारी गाजीपुर में नहीं मिले लेकिन उनके आवास फाटक पर उनके बड़े भाई और पूर्व विधायक शिवकतउल्लाह अंसारी ने मीडिया से बात करते हुए सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को न्याय की जीत बताया और खुशी जाहिर की उन्होंने बताया की सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सांसदी बहाल की है और जितना मीडिया से खबरें मिल रही हैं यह चुनाव भी लड़ सकेंगे उन्होंने कहा है कि हम जो भी सांसद निधि से विकास परियोजनाएं लंबी थी उसे हम पूरा करेंगे हालांकि शिवकतउल्लाह अंसारी ने यह माना कि समय बहुत कम बचा है लेकिन बावजूद उसके हम अधिकारियों से सहयोग लेकर परियोजनाओं को पूरा करने की कोशिश करेंगे एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा की यूं तो अफजाल अंसारी बहुजन समाज पार्टी से सांसद है और आगे भी 2024 के लोकसभा चुनाव में अगर पार्टी मौका देगी तो वह अपनी किस्मत आजमाएंगे एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अफजाल अंसारी बसपा से लड़ेंगे या किसी अन्य दल से लड़ेंगे यह इंडिया गठबंधन की स्थिति स्पष्ट होने के बाद जिनके हिस्से में जो सीट आएगी वहां से प्रत्याशी तय किया जाएगा वहीं उन्होंने क्षेत्र में विकास परियोजनाओं के बारे में चिंता व्यक्त की और उन्होंने कहा की उन्होंने मुख्तार अंसारी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी जवाब दिया और उन्होंने कहा कि मुख्तार के छोटे बेटे ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है उसमें सुप्रीम कोर्ट ने रिट में संशोधन करके याचिका दाखिल करने की बात कही है जिसमें हमारी मांग है कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था और उनकी सलामती के लिए मुकम्मल व्यवस्था की जाए या उन्हें उत्तर प्रदेश से बाहर किसी ऐसी जगह भेजा जाए जहां पर उनको सुरक्षा मिल सके।





