पहले कबूल... कबूल.....कबूल और उसके महज 5 घंटे में तलाक... तलाक... तलाक... जी हां ऐसा ही एक मामला बुलंदशहर में सामने आया है। जहां बुलंदशहर के औरंगाबाद में शादी-ए-ख़ाना-आबादी में हुई महज मामूली सी बात तलाक तक पहुंच गई। दरअसल औरंगाबाद निवासी युवती का दिल्ली के सीलमपुर निवासी युवक से 27 जनवरी को निकाह होना मुक़र्रर हुआ था। तय वक़्त पर बारात वधू पक्ष की दहलीज पर पहुंची। गर्मजोशी से सारी रस्में निभाई गईं और बारातियों के भोजन के बाद काज़ी ने दूल्हा-दुल्हन का निकाह भी पढ़ाया। मग़र इसके कुछ घण्टों के बाद ही शादी की खुशियां उस वक्त रंज में तब्दील हो गईं जब दूल्हे ने हाथों पर मेहंदी लगाए बैठी दुल्हन को एक मामूली सी बात पर तलाक़ दे दिया।
हुआ कुछ यूं कि बारात में दूल्हे के साथ आई उसकी दादी से वधू पक्ष के किसी व्यक्ति ने कुछ देर के लिए वह कुर्सी मांग ली जिस पर वो बैठी हुई थीं। इसी को लेकर हंगामा इतना बढ़ गया कि शादी के कुछ ही घंटों में तलाक़ की नौबत आ गई।
बताया गया कि दादी से कुर्सी मांगने को वर पक्ष के लोगों ने घोर अपमान माना जबकि इसी बात से खफ़ा होकर दूल्हे ने शादी तोड़ दी।
वहीं, जब वधू पक्ष को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने मैरिज होम में अंदर से ताला जड़ते हुए दूल्हे समेत बारातियों को बंधक बना लिया। हालांकि दूल्हे पक्ष द्वारा शादी में हुए खर्च अदा करने की बात पर दोनों पक्षों में सहमति बनी और तलाक़ के बाद बारात वापस दिल्ली लौट सकी।





