जाएंगे हम भी अयोध्या
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से गुजर रहे पानीपत खटीमा मार्ग पर हाईवे बनने का कार्य जोरों पर है। जिसको लेकर कादिखेड़ा गांव में स्थित टोल प्लाजा पर आज हाईवे से संबंधित क्षेत्रीय लोगो की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के द्वारा एक पंचायत बुलाई गई थी।
जिसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के साथ-साथ भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता और सैकड़ो क्षेत्रीय लोगों ने हिस्सा लिया था।
इस पंचायत के माध्यम से यहां के क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन और एनएचआई से यह मांग की है कि क्षेत्र बन रहे इस हाइवे पर कही कही सर्विस रोड का काम रह रहा है उसे जल्द पूरा जाए और हाईवे के ऊपर से एक फुट ब्रिज भी बनाया जाए ।इन सभी मांगों को एनएचआई ने मान लिया और ये आश्वासन भी दिया है कि जल्दी ही इन मांगों को पूरा किया जाएगा।
इस दौरान राकेश टिकैत ने मीडिया से बात करते हुए ये भी ऐलान किया है कि अयोध्या में कल श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सरकारी था हम अपना किसान संगठन का प्रोग्राम वहां जल्द ही करेंगे और हम भी वहां जाएंगे।
साथ ही राकेश टिकैत ने भी कहा है कि 26 जनवरी को हम जनपद में ब्लॉक स्तर पर ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे राकेश टिकैत की माने तो संयुक्त किसान मोर्चा के द्वारा 16 फरवरी को भारत बंद की भी घोषणा की गई है इस दिन किसान भी खेत बंद रखेंगे और खेत में काम नहीं करेंगे।
राकेश टिकैत का कहना है कि जो स्कूल है उसके ऊपर को वह लोहे का बनेगा तो वह इन्होंने तीनों चीज की है और जैसे ही मौसम ठीक होगा तो इन्होंने कहा है कि 10-15 दिन में उसको हम सब कर देंगे, यह रेट कम है और यह सरकार किसान विरोधी है व बड़े पूंजी पतियों की सरकार है एवं जो पूंजी पतियों का एक गैंग है उसने यह सरकार बनाई है और वह अपने सिस्टम से इस सरकार को चलाते हैं तो यह लुटेरे, पूंजीवादी देश में हावी होते जा रहे हैं और इन्होंने पूरे सिस्टम को कब्जा लिया है, यह किसान को कमजोर करना चाहते हैं एवं अभी उनकी आने वाली पॉलिसी है कि पूरे देश की जमीनों को चिन्हित कर रहे हैं उसमें कोई बेनामी संपत्ति है व किसी के पास में कम या ज्यादा.... है तो वह सब जमीन छीनने का ये षड्यंत्र रचेंगे और जिसकी पट्टे की या गांव समाज की जमीन है तो उन सबको सरकार के लोग छीनने का काम करेंगे और यह इनका 3 साल का आने वाला प्लान है, हम तो जाएंगे एवं वह तो सरकारी प्रोग्राम था और हम अपना किसान संगठन का प्रोग्राम करेंगे और हां हम भी जाएंगे, हां सरकार ने कर दिए जो 22 तारीख थी 22 जनवरी वह सरकारी प्रोग्राम था एवं हम अपने प्रोग्राम में जाएंगे और श्री राम के दर्शन करेंगे, हां तो उसके चक्कर में नहीं जाना है की सरकार बुलाएगी हम अपने आप चलेंगे, अभी हम 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च करेंगे जो ब्लॉक स्तर पर होगा और पूरे देश भर में स्केम की कॉल है और स्कैम की कॉल है भारत बंद की तो किस भी उस दिन 16 फरवरी को भारत बैंड का हिस्सा बनेगा और किसान की खेत बंद की कॉल भी है तो वह खेत में उसे दिन नहीं जाएगा एवं पहले भी हम खेत में नहीं जाते थे, जब जब सरकारें नहीं मानती और किसान व मजदूर के खिलाफ कानून आते हैं तो घोषणा की जरूरत पड़ती है, जब सुबह के टाइम हमारे प्रेड के प्रोग्राम रहेंगे व झंडा फहराने का रहेंगे और करीब 10 या 11 बजे के बाद में 11:00 से 2:00 के आसपास तक हमारा प्रोग्राम रहेगा जिसमें सभी लोग ट्रैक्टर आदि से परेड में शामिल रहेंगे, सरकार ने की होगी और कौन करेगा क्योंकि वही तो मंदिरों को तोड़ रहे हैं और यहां एक गांव में वहां मंदिर तोड़ा है और नाम किसी और के लगाओ तो और तो कोई तोड़ेगा नहीं ये अपने आप ही तोड़ी होगी, हां क्रांति सेना वाले पहले यही थे एवं अब इन्होंने यह क्रांति सेना एक अलग संगठन बना दिया लेकिन घूम फिर कर आएंगे तो यही, नहीं धरना समाप्त होगा लेकिन धरना स्थल ठीक है और जब भी जरूरत पड़ेगी तो यहां पर आएंगे।





