प्रतिज्ञा पूरी करने के लिये राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में चोटी से रथ को खींच कर ले जा रहा है सन्यासी।
एक सन्यासी अपनी प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश से अपने बालों से रथ खींचते हुए अयोध्या के लिए रवाना हुए हैं । जोकि रायबरेली के लालगंज में विश्राम के लिये रुके। वर्ष 1992 में कार सेवकों पर गोली चलाने के बाद भक्तों ने प्रतिज्ञा ली थी। उसे पूरा करने के लिए एक सन्यासी मध्य प्रदेश से अपने बालों से रथ को खींचते हुए अयोध्या के लिए रवाना हुआ है। सन्यासी रायबरेली जनपद के लालगंज कस्बे में एक गेस्ट हाउस में रात विश्राम के लिए रुके थे । उसके बाद सन्यासी ने बद्री प्रसाद ने बताया कि वह मध्य प्रदेश के दमोह जिले से अपने बालों से रथ को खींचते हुए अयोध्या के लिए जा रहें है । महाराज बद्री प्रसाद ने बताया कि 1992 में जब कार सेवको के ऊपर गोली चलाई गई थी। तभी उन्होंने प्रण ले लिया था कि जिस दिन राम मंदिर बनेगा उस दिन अपने बालों से रथ को खींचकर अयोध्या जाऊंगा । आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कृपा से वह दिन आ गया है। यह यात्रा 11 जनवरी को निकली थी जोकि कि 22 जनवरी को अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इस भीषण ठंड में महाराज बद्री प्रसाद अपने बालों की चोटी बनाकर अपनी टीम के साथ बालों से रथ को खींचते हुए अयोध्या के लिए रवाना हुए हैं। 500 से अधिक किलोमीटर की यात्रा में लगभग साढ़े 350 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर चुके हैं।





