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कोर्ट ने दी आजम खान को बड़ी राहत

 अदालत से आज़म खान को बड़ी राहत,



मुर्गी चोरी, बकरी चोरी और भैंस चोरी सहित 12 मुकदमो का इकट्ठा कर एक जगह होगी सुनवाई

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री रहे आजम खान को अदालत से बड़ी राहत मिली है। प्रदेश में सत्ता पलट के बाद सन 2019 में आजम खान के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे कभी मीडिया की सुर्खियां बने थे जिसमे मुर्गी चोरी, बकरी चोरी, भैंस चोरी जैसे आरोप लगाते हुए 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। यह मामला था रामपुर के यतीम खाना वक़्फ़ की जमीन पर बने घरों को जबरन खाली कर तोड़ दिए जाने का। 

इन सभी 12 मुकदमों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए और फिर पुलिस ने जांच करके सभी मामलों में अलग-अलग आरोप पत्र भी अदालत में दाखिल कर दिए थे। इन पर सभी मुकदमों में आजम खान और अन्य आरोपियों के विरुद्ध अदालत में मुकदमे चलाए जा रहे थे यह मामला था रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट, सेशन जज डॉ विजय कुमार की अदालत का।

आजम खान के वकील और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता जुबेर अहमद खान ने बताया कि अदालत से उन्होंने इन सभी मुकदमों को एकजुट कर एक जगह मुकदमा लड़ने की दरखास्त लगाई थी जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इन सभी मामलों को एक जगह कर सुनवाई किए जाने के आदेश दिए हैं।

 इस विषय पर आजम खान के वकील जुबेर अहमद ने बताया,, यतीम खाना प्रकरण से संबंधित 12 एफआइआर दर्ज हुई थी जिसमें आजम खान साहब के सिलसिले में कंस्पायरेसी दिखाते हुए यह आरोप लगाया था कि उन्होंने यतीम खाने में जो लोग थे उनके घर तोड़े गए और उनके घर के भैंस, बकरी और तमाम हाउस होल्ड आर्टिकल्स लूटपाट करके मकान को तोड़ा गया। 12 एफआइआर के बाद अलग-अलग क्राइम नंबरों पर 12 मुकदमे दर्ज होकर 12 चार्ज शीट लगी इसमें अलग-अलग 12 मुकदमे चल रहे थे हमने इसमें दरख्वास्त दी थी कि इसमें जो कंस्पायरेसी है वह एक है। प्लेस ऑफ ऑफेंस सेम है, टाइम ऑफ इंसिडेंट सेम है, डेट ऑफ इंसिडेंट सेम है और मुलजिमान भी सेम है और यह घटना एक ही घटना है क्योंकि जो घटना स्थल बताते हैं वह बराबर बराबर कहते है तो एक ही घटना है तो जो घटना हुई है यह कमिट हुए हैं इन द कोर्स ऑफ सेम ट्रांजैक्शन तो कानूनो के नियम के अनुसार इसका एक ही ट्रायल होना चाहिए और अदालत ने इस बात को स्वीकार करते हुए 12 मुकदमों को क्लब करके उसका अब एक ही ट्रायल चल रहा है यह आज फैसला आया है।

यह पूछे जाने पर की यह बड़ी राहत है? इस पर आजम खान के वकील ने कहा,, जी बिल्कुल जहा 12 मुकदमे चलते और हमने कोर्ट के सामने यह दलील भी दी थी कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा जब एक ही तरह के मुकदमे हैं और इसमें गवाह भी सेम है तो अगर 12 केसेस का डिस्पोजल होता अगर वह किसी भी एक पार्टी के भी हक में होता तो दूसरी पार्टी 12 अपील्स फाइल करती और जो विटनेस बार-बार कोर्ट आने से टाइम भी ज़ाया होता और कोर्ट का खर्चा भी ज्यादा होता तो लिहाजा इन मुकदमों को क्लब करके एक ही ट्राइल करके एक ही फैसला होना चाहिए। यह फैसला स्पेशल जज एमपी एमएलए की कोर्ट है उन्होंने फैसला सुनाया।

यह पूछे जाने पर की यह सब कौन से मुकदमे थे? इस पर आजम खान के वकील ने कहा,, इन मुकदमों के अंदर भैंस चोरी, बकरी चोरी, अलग-अलग घरों के बारे में बताते हैं ₹5000 लूट लिए जिसमें 8 और 9 लोग हैं तो एक आदमी के पास 1 हजार रुपए या ₹500 आएंगे घर के काम करने के बर्तन चुरा कर ले गए, पायल चुरा कर ले गए, इस तरह के इल्जामात उन पर लगाए गए हैं।

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