बत्ती गुल होने पर बिजली विभाग के अधिकारियों पर गरम हुए मंत्री बलदेव सिंह औलख
विधायक हों या उप मुख्यमंत्री, अपनी ही सरकार में अधिकारियों द्वारा नेताओं की बात को अनसुना करने के आरोप लगा रहे हैं तो ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला रामपुर में जहां योगी सरकार में राज्य मंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख ने जब क्षेत्र की बत्ती गुल हो जाने पर विद्युत विभाग के अधिकारियों को फोन मिलाया तब किसी ने उनका फोन तक उठाने की ज़हमत गवारा नहीं की। फोन ना उठाए जाने से गुस्साए मंत्री जी सीधे विद्युत विभाग के कार्यालय ही पहुंच गए।
दरअसल बिजली नहीं आने के चलते बार-बार अधिकारियों को फोन करने और विद्युत विभाग के कंप्लेंट नंबर पर बात करने की सभी कोशिशें बेकार हो गई तो मंत्री जी विद्युत विभाग कार्यालय जा पहुंचे और विभागय अधिकारियों को जमकर हड़काया हालांकि उनकी नसीहत का असर विभाग के अधिकारियों पर नहीं पड़ा और मंत्री जी को उनके सामने ही जवाब देते नजर आए।
हद तो तब हो गई कि जब विद्युत विभाग के कार्यालय में चारों तरफ छाए हुई अंधेरे से नाराज मंत्री जी ने विद्युत अधिकारियों को बल्ब लगाने के आदेश दिए तो मात्र एक बल्ब लगाने के उनके आदेशों को हवा में उड़ाते हुए उनके सामने ही अधिकारी ने टका सा जवाब दे दिया कि सर इंडेंट पास नहीं होता कार्यालय में अटक जाता है, क्या करें।
अपनी ही सरकार में विभागीय अधिकारियों के हाथों यूं जवाब मिलने से शर्मिंदा मंत्री जी आखिर विद्युत विभाग कार्यालय से चले आए लेकिन प्रदेश सरकार में एक मंत्री होने के बावजूद अपनी ही सरकार में अधिकारियों द्वारा उनकी बात को अनसुना किए जाने का दर्द वह छुपा नहीं सके और बोले देखिए थोड़ी बहुत कमियां तो हैं।
इस विषय पर कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने बताया,, पहली बात में यह कह दूं कि मेरी विधानसभा में बिजली की तिराही तिराह नहीं है मगर फिर भी हम यह चाहते हैं कि किसान को, व्यापारी को ठीक बिजली मिले क्योंकि किसान की यह धान का पीरियड है तो उसको सही बिजली मिले और माननीय मुख्यमंत्री जी ने भी तीन-चार दिन पहले बैठक ली थी उसमें बहुत सारे सुझाव भी दिए थे तो हमारा मकसद भी यही है कि जिस जिले में बरसात काम हुई है उस जिले में बिजली बढ़कर दें और जो भी छोटी-मोटी कटौती है उसको देखा जाए और जो कमी है उसको दूर किया जाए और जहां तक मेरी विधानसभा का सवाल है बिजली ठीक है लेकिन किल्लत तो है क्योंकि रामपुर ऐसा जिला है जहां बरसात कम हुई है तो बिजली की डिमांड ज्यादा है इसलिए दिक्कत तो है मगर उसको सुधार करने के लिए हम और हमारे सारे अधिकारी लगे हुए हैं और जहां तक मेरा सवाल है मैं रात बिजली घर गया था। मैने जरूर वहां जाकर चेक किया है थोड़ी बहुत कमियां थी उसको दूर करने को मैंने एक्सन को एसडीएम को कहा है उस चीज को ध्यान रखते हुए इसको दूर करेंगे ठीक तरह से बिजली आपूर्ति करेंगे।
यह पूछे जाने पर की बिजली की किल्लत की मुख्य वजह क्या है इस पर कृषि राज्य मंत्री ने बताया,, जब डिमांड ज्यादा होती है और माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में पहला राज्य होगा जो इतनी बिजली किसानों को दे रहा है जनमानस को दे रहा है हर स्टेट की आप तुलना कर लेना सबसे ज्यादा बिजली अगर मिल रही है तो उत्तर प्रदेश के लोगों को मिल रही है जो कि माननीय मुख्यमंत्री जी का पूरा प्रयास है और अब यह किसान का टाइम है, धान का टाइम है बरसात कम हुई है लोड ज्यादा है जैसे कहते हैं ना की आमदनी कम है खर्च ज्यादा है तो थोड़ा सा बैलेंस बनाकर जैसे कि जहां बरसात हो गई है वहां थोड़ा कम कर ले यह सब एक मैनेज करने की बात है तो जहां बरसात होगी वहां बिजली की डिमांड कम होगी और जहां बरसात कम हुई है वहां बिजली की डिमांड ज्यादा होगी तो इसको मेंटेन करके बिजली विभाग इसको थोड़ा ठीक करें तो किसानों को ठीक तरह से बिजली मिल जाएगी।





