सरकारी स्कूलों में छात्रों को निपुण बनाने की योजना चलाई जा रही है। यूं तो यह कार्य बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आता है लेकिन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स बनाई गई है जिसमे अलग-अलग विभागों के अधिकारी सम्मिलित किए गए हैं जो विद्यालयों में जांच करने पहुंचते हैं। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी रामपुर डॉक्टर एस पी सिंह बीते माह रामपुर नगर क्षेत्र के किशनपुर अटरिया प्राथमिक विद्यालय निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां मौजूद प्रधानाध्यापिका से छात्रों की प्रगति के बारे में जानना चाहा। सीएमओ साहब का आरोप है की प्रधानाध्यापिका ने बेहद कड़े तेवर दिखाते हुए उन्हें तीखे उत्तर दिए। यह पूछने पर की क्या सभी छात्र निपुण हैं प्रधानाध्यापिका ने कहा की सभी गधे घोड़े नहीं हो सकते इतना ही नहीं प्रधानाध्यापिका पर आरोप है कि उन्होंने सीएमओ साहब से यहां तक कह डाला कि मैं साथ मे दो नाली बंदूक रखती हूं।
प्रधानाध्यापिका के इस आचरण से क्षुब्ध सीएमओ साहब तुरंत वहां से चले आए और जब जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की मीटिंग हुई तो उन्होंने अपना दुखड़ा सभी अधिकारियों के सामने सुनाया। उनकी बात सुनकर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अध्यापिका को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। जवाब नहीं आने पर बीएसए रामपुर प्रधान अध्यापिका के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रहे हैं।
इस विषय पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपुर राघवेंद्र सिंह ने बताया,, सीएमओ साहब 11 जुलाई को प्राथमिक विद्यालय किशनपुर अटरिया नगर क्षेत्र रामपुर में पड़ता है उसमें निरीक्षण के लिए गए थे तो 11 जुलाई की निरीक्षण के बाद 25 जुलाई को जब हमारी विभागीय मीटिंग हुई तो सीएमओ साहब ने यह बताया था सभी अधिकारियों को कि मैं प्राथमिक विद्यालय किशनपुर अटरिया में गया था मैंने जब जाकर के निरीक्षण किया तो वहां जाकर मैंने पूछा कि प्रधान अध्यापक कौन है तो वहां की जो हेड मास्टर थी जिनका नाम आसमा परवीन बताया गया है वह बोली "हां बताइए मैं हूं यहां की हेड मास्टर कुछ कहना है मेरे पास लाइसेंसी हथियार है मैं हथियार रखती हूं मैं किसी गुंडे से डरती नहीं हूं" इसके बाद सीएमओ साहब ने कहा कि यहां सारे बच्चे निपुण हो गए? तो वहां की इंचार्ज आसमा परवीन थी उन्होंने कहा "सारे गधे घोड़े नहीं हो सकते" उसके बाद जब यह सब चीजे मीटिंग में बताई गई क्योंकि टीचर की पद की गरिमा होती है टीचर के पद की गरिमा के विपरीत उन्होंने कार्य किया है तो उनको एक नोटिस हमने उनको जारी किया है 6 अगस्त को कि आपके द्वारा सीएमओ साहब के निरीक्षण के समय यह सब कहा गया है आपको इस संबंध में तीन दिवस के अंदर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें अन्यथा आपके विरुद्ध कार्रवाई कर दी जाएगी क्योंकि तीन दिवस्थ समाप्त हो चुके हैं अगर कोई उत्तर संतोषजनक आता है तो ठीक है नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।





