जिले में आदमखोर बाघ की दहशत।
बाघ की आहट का खौफ और उस पर सियाह काली रात। ऐसे में हल्की सी आहट भी गांव वालों को झकझोर देती है। इमलिया गांव के लोग इसी आहट से दहशत में हैं। हिम्मत करके ग्रामीण हाथों में जलती हुई मशाल थामकर बाघ की तलाश कर रहे हैं। हाथ में मशाल और डंडा लेकर गांव की महिलाएं भी आदमखोर बाघ की तलाश कर रही हैं। आदमखोर बाघ ने महेशपुर वन रेंज के इमलियापुर गांव में 45 साल के किसान अमरीश को अपना निवाला बना लिया था। एक माह में बाघ के हमले से 4 लोगों की मौत हो चुकी है। वन विभाग ने बाघ की तलाश के लिए दो ड्रोन और 24 कैमरे लगाए हैं। साथ ही 6 पिंजड़े भी लगाकर उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है। बाघ की लोकेशन भी इमलिया गांव के आसपास ही कैमरे में कैद हुई है। वन विभाग द्वारा लगाए गए कैमरे में आदमखोर बाघ की तस्वीरें भी कैद हुई हैं। तस्वीरों में इमलिया गांव के आसपास ही चहल कदमी कर रहा है। इसी दौरान उसने एक बकरी को भी निवाला बनाया है। डीएफओ संजय बिस्वाल ने पूरे मामले की पुष्टि की है।





