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डीआईजी के आदेश पर थानाध्यक्ष निलंबित, जानिये पूरा मामला

 रेप का फर्जी मुकदमा दर्जकर जेल भेजना के आरोप में पीड़िता ने लगाई थी गुहार, डीआईजी ने जांचोंपरांत थानाध्यक्ष को दिये निलंबित का निर्देश।


  जनपद आजमगढ़ मंडल के डीआईजी वैभव कृष्ण ने रेप के फर्जी मुकदमें में जेल भेजने के मामले में बिलरियागंज थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बिलरियागंज थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह पर आरोप है कि रेप का फर्जी मुकदमा लिखकर पीड़िता के बेटे को जेल भेज दिया था। वहीं इस मामले में थानाध्यक्ष ने अधिकारियों को भ्रमित किया था। मामले की शिकायत पीड़िता ने पुलिस उपमहानिरीक्षक से की थी, जहां थानाध्यक्ष को फर्जी मुकदमा करना भारी पड़ गया।

  आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह पर स्थानीय थाना क्षेत्र निवासिनी ने डीआईजी कार्यालय में उपस्थित होकर अपने पुत्र के खिलाफ फर्जी बलात्कार का मुकदमा दर्ज करने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार बड़े पुत्र ने पत्नी को तलाक का नोटिस भेजा था नोटिस भेजने के कुछ दिन बाद ही बहू ने फर्जी तरीके से बिलरियागंज प्रभारी व पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से देवर अभ्युदय राय पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज करा दिया था। पुलिस उपमहानिरीक्षक ने पुलिस अधीक्षक को इस मामले की जांच एसपी ग्रामीण से कराने का निर्देश दिया। जांच में पाया गया कि मामला संदिग्ध है। क्योंकि थानाध्यक्ष ने 24 सितंबर को मुकदमा दर्ज करने के 4 दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में न ही किसी का बयान लिया गया न ही फॉरेंसिक साक्ष्य और न ही कोई ठोस साक्ष्य एकत्रित किया गया, इतना ही नहीं घटना स्थल का निरीक्षण भी नहीं किया गया। मुकदमें में पति-पत्नी के तलाक का कोई भी जिक्र नहीं किया गया है। गिरफ्तारी भी साक्ष्यों के आधार पर नहीं की गई है। रिपोर्ट आने के बाद डीआईजी के निर्देश पर आजमगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह को निलम्बित कर दिया है और मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिये गये हैं। वहीं इस अभियोग की विवेचना पुलिस उपमहानिरीक्षक ने मऊ जिले को स्थानांतरित किया।

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