अलीगढ़ महानगर कोतवाली में भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय के विरुद्ध एससी,एसटी एक्ट,चौथ वसूली के मामले में मुकदमा दर्ज होने के विरोध में रविवार की देर शाम भाजपाइयों ने कोतवाली का किया घेराव । इस दौरान जमकर हंगामा होने के साथ पुलिस प्रशासन के खिलाफ की गयी नारेबाजी । भाजपाइयों ने पुलिस पर झूठा मुकदमा दर्ज करने की लगाया आरोप, भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय सहित भाजपाई गिरफ्तारी देने पर अड़े । इस दौरान कोतवाली में पांच थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया और भाजपा नेताओं को समझो जाकर मामला शांत किया।
भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय ने बताया कि पिछली 28 अक्टूबर को उनके कार्यालय के बाहर एक बाइक सवार युवक का एक्सीडेंट हो गया था। एक्सीडेंट के उपरांत उनके सरकारी गनर ने घायल युवक का हाल जानने और उसकी मदद करने की कोशिश की तो घायल युवक कनेर के ऊपर आक्रोशित हो गया और करनाल के साथ अभद्रता की। उसे दिन किसी के द्वारा मेरे ऊपर हमला करने का षड्यंत्र रचा गया। वहीं युवक द्वारा मेरे विरुद्ध थाने में तहरीर देते हुए बताया गया कि मेरे ओर मेरे गनर द्वारा युवक के साथ मारपीट की गई और मेरे गनर पर युवक से 900 रुपए छीनने का आरोप लगाया गया,बाद मैं पुलिस जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरे में ऐसा कुछ नहीं पाया गया ।मेरे गनर की तहरीर पर थाने में युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया। लेकिन रविवार को सीओ प्रथम के हस्तक्षेप के चलते मेरे विरोध एससी, एसटी व अवैध वसूली के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा मेरे विरुद्ध इसलिए दर्ज किया गया है कि मैं दूसरे पक्ष से समझौता कर लूं। मेरे विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने पर मेरे शुभचिंतक और पार्टी कार्यकर्ता ऑन थाने गिरफ्तारी देने पहुंच गए। और हमारी मांग है की या तो निष्पक्ष कार्रवाई की जाए या मेरे को गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने हंगामा कर रहे भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं को पूरे मामले की सही से जांच कर अग्रिम कार्रवाई करने की बात कहने पर सभी भाजपा नेता और कार्यकर्ता कोतवाली से चले गए।





