जालसाजों ने CDA में अधिकारी रहे बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर वसूले लाखों रुपए
मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र में रहने वाले सुकुमाल चंद जैन CDA से रिटायर हैं। बीते 8 नवंबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपने आप को साइबर क्राइम अधिकारी दीपक यादव बताया और कहा कि आपके खिलाफ एक गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है।
कॉल करने वाले ने बताया कि आप मानव अंगों की तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े हुए हैं, जिसने 17 बच्चों का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी है। इसके अलावा, उन बच्चों के अंगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये में बेचा गया है। बच्चों के परिवारों से शव सौंपने के लिए 68 लाख रुपये भी वसूले गए और यह राशि आपके एचडीएफसी बैंक खाते में जमा कराई गई है। कॉल करने वाले ने सुकुमाल चंद जैन को उनका आधार कार्ड भी वीडियो कॉल पर दिखाया। यह सुनकर सुकुमाल चंद जैन बेहद डर गए और वे समझ नहीं पाए कि क्या करें। कॉल करने वाले ने उन्हें बार-बार डराते हुए कहा कि अगर 15 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाते में ट्रांसफर कर दिए जाएं तो वे उन्हें इस स्थिति से निकालने में मदद करेंगे। बीते 12 नवंबर तक साइबर अपराधी उन्हें लगातार धमकाते रहे, जिसके कारण उन्होंने आखिरकार 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पांचवें दिन जब सुकुमाल चंद जैन को वास्तविकता का आभास हुआ, तो उन्होंने अपनी पत्नी को इस बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे को पूरी घटना बताई, जिसने ऑनलाइन साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि digital arrest के जरिए 15 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।





