आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में बुधवार देर रात 9:30 बजे वैकुंठ द्वार दर्शन टिकट काउंटर के पास भगदड़ मच गई।
इस हादसे में एक महिला समेत 4 लोगों की मौत हो गई है। कई लोगों के घायल होने की भी खबर है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में 6 श्रद्धालुओं की मौत का दावा भी किया जा रहा है।
काउंटर के पास 4 हजार से ज्यादा श्रद्धालु कतार में खड़े थे। उसी वक्त श्रद्धालुओं को बैरागी पट्टीडा पार्क में कतार लगाने के लिए कहा गया। आगे जाने की होड़ में अफरा-तफरी मच गई। भागने के दौरान लोग एक-दूसरे पर चढ़ गए। इससे लोगों का दम घुट गया। मल्लिका नाम की एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने फोन पर उच्च अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और घटनास्थल पर जाकर राहत उपाय करने का आदेश दिया है। ताकि घायलों को बेहतर उपचार मिल सके। वे गुरुवार को तिरुपति जाकर घायलों से भी मिलेंगे।
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के कार्यकारी अधिकारी जे श्यामला राव ने बताया था कि 10 से 19 जनवरी तक वैकुंठ एकादशी पर वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए खोले जाएंगे। सुबह 4.30 बजे से प्रोटोकॉल दर्शन से शुरू होगा, उसके बाद सुबह 8 बजे से सर्व दर्शन शुरू होगा है। इसके लिए लोग टोकन लेने के लिए लाइन में लगे थे। इन 10 दिनों में करीब 7 लाख भक्तों के आने की संभावना है।
तिरुपति भारत का सबसे प्रसिद्ध और अमीर मंदिर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और अमीर तीर्थस्थलों में से एक है। ये आंध्र प्रदेश के सेशाचलम पर्वत पर बसा है। भगवान वेंकटेश्वर के इस मंदिर का निर्माण राजा तोंडमन ने करवाया था। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 11वीं सदी में रामानुजाचार्य ने की थी।
मान्यता है कि भगवान वेंकटेश्वर जब पद्मावती से अपना विवाह रचा रहे थे तो उन्होंने धन के देवता कुबेर से कर्ज लिया। भगवान पर अब भी वो कर्ज है और श्रद्धालु इसका ब्याज चुकाने में उनकी मदद करने के लिए दान देते हैं। तिरुमाला मंदिर को हर साल लगभग एक टन सोना दान में मिलता है।





