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संस्कारयुक्त शिक्षा की क्रान्ति लाना चाहती है पतंजलि-डॉ.नवीन योगी

 देश में संस्कारयुक्त शिक्षा की क्रान्ति लाना चाहती है पतंजलि-डॉ.नवीन योगी






 हरिद्वार में पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं भारतीय शिक्षा बोर्ड की बैठक में प्रवास कर वापस लौटे विश्व संवाद परिषद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय महासचिव एवं पतंजलि योग समिति बस्ती के संरक्षक प्रो.डॉ नवीन सिंह ने बैठक में हुए निर्णय की जानकारी साझा की।
बताया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस बोर्ड के माध्यम से पतंजलि पूरे देश में संस्कारयुक्त शिक्षा की क्रान्ति लाना चाहती है जिसके लिए योग कक्षाओं और पदाधिकारियों के माध्यम से सम्पर्क अभियान चलाया जा रहा है। बताया कि भारत स्वाभिमान न्यास अपने स्थापना काल से देश में योग, आयुर्वेद ,स्वदेशी, वैदिक संस्कृत के उत्थान के लिए के निरंतर क्रियाशील है। योग के माध्यम से लोगों को स्वस्थ, निरोग रखने की परिकल्पना हेतु इस ट्रस्ट की स्थापना की गई जो फलीभूत नजर आ रही है।
 बताया कि यह भारत स्वाभिमान न्यास 5 जनवरी 2009 को दिल्ली में पंजीकृत कराया गया इसका उद्देश्य गरीबी, भूख, अपराध ,शोषण मुक्त समाज एवं स्वच्छ भारत का निर्माण करना है। भारतीय शिक्षा बोर्ड निश्चित ही देश के विद्यार्थियों को संस्कार और कौशल शिक्षा प्रदान करने में सफल होगा। स्वामी रामदेव जी निस्वार्थ भाव से देश की सेवा में लगे हैं। वह भारत के कई राज्यों में गुरूकुल की स्थापना कर भारत में पुनः ऋषि परम्परा को स्थापित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। इसलिए भारतीय शिक्षा बोर्ड की स्थापना की गई है। समस्त का आभार व्यक्त करते हुए अपने उद्देश्य में सफल होने के लिए सभी को शुभकामनाएँ दी है ।

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