मथुरा,आज रात साढ़े चार बजे हजारों साल पहली भक्त प्रहलाद की कहानी फिर से दिखाई दी है ।मथुरा के कोसीकलां इलाके के गांव फालैन में जहां बीस फिट ऊंची धधकती आग से निकला है ये है मोनू पंडा है। जिसे देखने को उमड़ी है लाखो की भीड़ माना जाता है की भगवान और उसके भक्त के इस चमत्कार को देखने के लिए होलिका दहन के समय उपस्थित होते है ।भक्त प्रह्लाद .होली में निकलने कि ये कोई नई रिवाज नही है मोनू पंडा से पहले भी हजारो सालो से उसके परिवारी जन जलती होली के बीच से होकर निकलते आरहे है ।भगवान के चमत्कारों मैं से एक चमत्कार यह भी है की जलती आग के सोलो पर सामान्य रूप से निकलता है। एक साधारण मनुष्य कहा जाता है की हिरनाकस्यप नाम का एक राजा हुआ था वह शिव का भक्त था और वह लोगो से अपनी पूजा कराता था और जो उसकी पूजा नहीं करता था वह उसको मार दिया करता था ।. उसके एक पुत्र हुआ जिसका नाम था प्रह्लाद जोकि भगवान की भक्ति मैं हमेसा लीन रहता था ये बात हरिनाकस्यप को नागवार गुजरती थी राजा ने कई बार यह बात अपने पुत्र को समझाई कि तुम भगवान कि पूजा न करो यहाँ का भगवान में ही हू तुम मेरी ही पूजा करो ।इस पर प्रह्लाद ने पूजा करने से मना कर दिया जिससे क्रोधित हो कर राजा ने प्रह्लाद को मारने का प्रयत्न किया ।राजा ने अपने पुत्र को पहाड़ियों से नीच फेंका , खोलते तेल कि कडाई में डाला लेकिन भगवान कि कृपा से प्रह्लाद को कोई हानि न पंहुचा सका . फिर उससे हरिना कस्यप कि बहिन होलिका ने कहा कि मुझे भगवान से वरदान प्राप्त है कि में भगवान के द्वारा दी हुई चुनरी को ओढने के बाद आग में बैठ जाऊ तो अग्नि मुझे जला ही नहीं सकती और प्रह्लाद को अपनी गोद में बेठा कर आग में जाउंगी . और वो प्रह्लाद को जलती आग मैं लेकर बेठ गयी। भगवान ने अपने भक्त कि रक्षा और वरदान कि रक्षा के लिए तेज हवा चला दी जिससे होलिका कि चुनरी उड़ गेई और वह चुनरी प्रह्लाद के ऊपर आगई जिससे प्रह्लाद आग से नहीं जल सका और होलिका जल गयी तब से लेकर आज तक प्रथा चली आरही है ओर मोनू कि माने तो उसे होली में निकल ने से पहले वह बसंत पंचमी से भजन पूजा करता है और बिना कुछ खाए ही रहता है ।फिर उसे भगवान से आग में जलते अंगारों से निकलने कि शक्ति मिलती है और आग लगने लगती है ठंडी /जिस में पहले पंडे कि बहिन उस की आरती करती है फिर वह प्रहलाद कुण्ड से स्नान करने के बाद जलती हुई तेज आग की लपटों के बीच से होकर निकलता है जिसे देखने के लिए देश विदेश से लोग फालैन गांव आते है मथुरा के फालेन गाव का मोनू पंडा इससे पहले भी कई बार इसी तरह से आग से निकला है ।जबकि इससे पहले उश्के पिता जी संतोष पहले भी कई वार आग से निकल चुका है ।





