बस्ती में हुए सहकारिता चुनाव के आरक्षण में हुआ बड़ा खेल। अपने रिश्तेदार और घर के लोगों को सदस्य बनाकर नियमो को ताक पर रखकर सचिव ने आरक्षण में कराया फेर बदल। प्रदीप पांडेय ने सहायक आयुक्त सहकारी निर्वाचन से शिकायत पत्र देकर चुनाव रद्द कर आरक्षण के अनुसार फिर से चुनाव कराने की किया है मांग।
क्रय विक्रय में सांगठनिक चुनाव को लेकर सहायक आयुक्त सहकारी निर्वाचन से लगाई गुहार। बगैर आरक्षण नियमों का पालन करें करा लिया गया चुनाव। बता दें कि सहकारिता चुनाव में नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाना अगर किसी से कोई सीखे तो बस्ती जिले के परशुरामपुर विकासखंड के सहकारी संघ सिकंदरपुर के सचिव प्रेरणा लेनी चाहिए ।जिन्होंने अपने परिवार के लोगों और नातेदारो को संघ का सदस्य बनाकर निर्वाचित कर उन्हें जिले के लिए भेज दिया ।हालांकि उनकी नीयत का पता लोगों को पहले ही पता चल गया था ।इसके चलते दिनांक 13 मार्च को अधि घोषणा के उपरांत क्षेत्र अवधारणा को लेकर आपत्ति जताई दी गई थी। बावजूद इसके सहायक निबंधक आयुक्त सहकारिता द्वारा आपत्तियों का निस्तारण नहीं किया गया। फल स्वरूप सचिव के चहेते सदस्य निर्वाचित हो गए और क्रय विक्रय जिला कमेटी में शामिल होने के लिए निर्वाचित हो गए ।इसको लेकर शिकायतकर्ता ने उच्चाधिकारियों से आपत्तियों के निस्तारण की गुहार करते हुए कहा है कि चुनाव को रद्द करते हुए आरक्षण का सुसंगत नियम का पालन करते हुए निर्वाचन कराया जाए।





