आईएसआईएस से संबंध में संदिग्ध AMU के दो छात्रों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित, पहले भी AMU के कई छात्रों को एटीएस ने किया है गिरफ्तार
यूपी एटीएस ने आईएसआईएस से जुड़े संदिग्ध दो छात्रों जो अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र हैं, के ऊपर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है। इन छात्रों के नाम अब्दुल समद मालिक और फैजान बख्तियार हैं। इससे पहले भी एटीएस ने AMU से जुड़े सात संदिग्ध को गिरफ्तार किया था। अब यह दोनों छात्र भी एएमयू के वीएम हाल के निवासी हैं और एमएसडब्ल्यू प्रथम वर्ष के छात्र हैं। बड़ी संख्या में एएमयू से जुड़े छात्रों के आईएस संदिग्ध होने पर हिंदू महासभा ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि वह पहले से ही कहते आ रहे हैं कि एएमयू आतंकवादियों का अड्डा बन चुका है। यहां किसी हिंदू कुलपति की नियुक्ति कर सर्च ऑपरेशन चलाया जाए और इस तरह के तत्वों को बाहर किया जाए। अगर ऐसा नहीं होगा तो यह विश्वविद्यालय पुनः देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार होगा।
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडे ने एएमयू से आईएस संदिग्ध पकड़े जाने पर कहां कि जिस तरह से एएमयू में लगातार आईएसआईएस से जुड़े हुए छात्र मिल रहे हैं इससे स्पष्ट है कि अखिल भारतीय हिंदू महासभा की मांग कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सदैव से ही आतंकवादियों की पाठशाला रही है यह चरित्रार्थ होती है। मेरी भारत सरकार से मांग है कि एएमयू में किसी हिंदू कुलपति को बना करके सर्च ऑपरेशन चलाया जाए ताकि छुपे हुए आतंकवादियों को निकाला जा सके। अगर ऐसा नहीं होगा तो यह विश्वविद्यालय पुनः देश के विभाजन के जिम्मेदार होगा और आतंक को जन्म देने वाला यह एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय AMU बना रहेगा।
मामले पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने कहा कि हमें भी प्रिंट और डिजिटल मीडिया से पता चला है कि दो या तीन छात्र संदिग्ध की कैटेगरी में है और संदिग्ध की बुनियाद पर उनके खिलाफ कुछ कार्यवाही चल रही है। लेकिन मेरे पास अभी कोई आधिकारिक ऐसी सूचना नहीं है कि क्या चल रहा है और किस बुनियाद पर चल रहा है। इसकी हमारे पास कोई ऑफिशियल इनफॉरमेशन नहीं है। किसी एजेंसी ने हम से अभी तक कोई कांटेक्ट नहीं किया है और जहां तक छात्र की बात है जो हमारे पास रिकॉर्ड है उसके हिसाब से दो लड़के हैं जो एमएसडब्ल्यू के छात्र बताये जा रहे हैं और रिकॉर्ड के हिसाब से वह हमारे एमएसडब्ल्यू में एडमिशन इस एकेडमिक सेशन में हुआ है 22- 23 में उनका एडमिशन हुआ है। लेकिन जब से इनका नाम अखबारों में आया है कि यह संदिग्ध की कैटेगरी में है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई चल रही है। तभी से यह कैंपस में कहीं भी नजर नहीं आ रहे हैं। ना डिपार्टमेंट में नजर आ रहे है, ना कहीं और नजर आ रहे। इन में से एक का नाम फैजान बख्तियार बताया जाता है और दूसरे का नाम अब्दुल समद मालिक है। दोनों बच्चे एमएसडब्ल्यू के छात्र हैं और वीएम हाल में इनका अलॉटमेंट है। जहां तक की यूनिवर्सिटी की बात है जो एजेंसी इन पर कार्यवाही कर रही है जैसा कि आप बता रहे हैं वह एजेंसी अपनी कार्यवाही के दौरान जो भी चीज हमसे चाहेगी कि अगर उनको लगता है की कार्यवाही करने के लिए एएमयू को कुछ करना है तो हम उनसे मिलकर लिखित में जो हमारे पास चीज आएंगे उसी की बुनियाद पर हम यूनिवर्सिटी के रूल्स और रेगुलेशन के हिसाब से जो भी कार्रवाई बनती है करेंगे। ये जांच का विषय है कि किन-किन गतिविधियों में उनका नाम आ रहा है यह चीज आधिकारिक तौर पर आएंगे तो उस हिसाब से हम आपको बताएंगे।





