उत्तर प्रदेश के कन्नौज जनपद में मुठभेड़ के दौरान मारे गए कांस्टेबल सचिन राठी का आज मुजफ्फरनगर जनपद में स्थित उनके पैतृक गांव शाहडब्बर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। ग़मगीन माहौल में जहां क्षेत्र के सैकड़ो लोगों ने सिपाही को अंतिम विदाई दी तो वहीं केंद्र राज्यमंत्री संजीव बालियान व बीजेपी के कई नेता और जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी व एसएसपी संजीव सुमन ने सिपाही के पार्थिक शरीर को कंधा देते हुए अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान मृतक सिपाही के पिता वेदपाल राठी ने मृतक सिपाही को शहीद का दर्जा और दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है।
वही पिता वेदपाल राठी की माने तो थाना विष्णुगढ़ में मेरा लड़का सचिन था एवं वहां पर पुलिस बदमाश को पकड़ने के लिए गई थी और बदमाश को पकड़ने के बाद थाने भेज दिया था, थाने में वह अकेला रह गया वहा एक 13-14 साल का बच्चा भी था तो उसने जंगले में से गोली चला दी जो उसे पैर में लग गई, हमें ऐसी उम्मीद नहीं थी कि वह एक्सपायर हो जाएगा लेकिन ब्लड ज्यादा निकालने की वजह से या थोड़ी सी डॉक्टर की लापरवाही भी रही है मैं तो यही कहूंगा मेरा बच्चा चला गया मेरा तो नाश हो गया और मैं बहुत परेशान हूं मैं और ज्यादा कुछ कह नहीं सकता हूं, हां मेरे बच्चे को शहीद मानना चाहिए एवं मेरा बच्चा मुठभेड़ में शहीद हुआ है और वहां आमने-सामने की लगभग 50 राउंड गोली चली है और मैं खुद मौके पर गया हूं और सर्च किया है, ऐसे अपराधियों को कम से कम फांसी मिलनी चाहिए और वहीं पर एनकाउंटर होना चाहिए था हालांकि उसको पैर में गोली मारी है बल्कि मैंने डीआईजी साहब से कहा था कि जैसे मेरे बच्चे का हुआ है ऐसा ही उनका एनकाउंटर करते बात तो जब थी और जैसे मेरा बच्चा चला गया और 13-14 साल के लड़के ने गोली मार दी तो उसे भी ढेर कर देना चाहिए था जबकि उसे मौके से पकड़ भी लिया, उसकी 5 तारीख की शादी तय थी सब सामान तैयार था एवं कार्ड आदि भी छप गए थे और 90% सामान भी जमा कर लिया गया था एवं अब कार्ड बांटने की तैयारी थी क्योंकि उसका 4 तारीख का मंढा था वह 5 फरवरी की शादी थी लेकिन उससे पहले ही बहुत बुरा हो गया।





