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अयोध्या में बिगड़ सकते हैं हालात, बनाई जा रही रणनीति

 



 रामनवमी में आने वाले श्रद्धालुओं को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट असमंजस में भी है और बेचैन भी । इसीलिए राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद इस पहले रामनवमी को बेहद नाजुक बता रहे हैं । यही नहीं वह साफ तौर पर कह रहे हैं कि रामनवमी को लेकर भावनाओं से नहीं बल्कि व्यवहारिकता से सोचना  होगा ।

 अपनी जन्मभूमि पर बने भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद इस बार की रामनवमी बेहद खास है । लंबे समय के बाद यह पहला मौका है जब रामलला अपना जन्मदिन अपनी जन्मभूमि पर भव्य मंदिर में मनाएंगे । इसीलिए इस खास अवसर पर हर कोई अयोध्या में मौजूद रहना चाहता है और यही राम मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन के लिए सबसे बड़ा चैलेंज है ।  राम मंदिर ट्रस्ट का अनुमान है कि लगभग 25 लाख लोग मौजूद रह सकते हैं लेकिन उसका कहना है कि अगर 15 लाख लोग भी अयोध्या में रहे तो वह सोएंगे कहां और रहेंगे कहां ।

 चंपत राय महासचिव श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट .. 14 तारीख की रात्रि से आना शुरू हो जाएंगे आप सब लोग यही के रहने वाले हैं इस बात को हां कहना जो आप रोज देखते हो मेरी बात काटिए 15,  16 को लोग भर जाएंगे यहां पर 17 को तो कोई यहां घुस नहीं पाएगा और अगर इतनी जनता यहां आ गई तो क्या एक दिन में चली जाएगी उनको जाने में 2 दिन तो लगेंगे 18 और 19 अप्रैल मान लीजिए मेरा आकलन गलत है 25 लाख का तो अगर 15 लाख भी आ गए तो बताइए कौन सी सड़क पर रहेंगे सोएंगे कहां।

 रामनवमी के अवसर पर जब लोग अयोध्या आएंगे तो वह रामलला के दर्शन जरूर करना चाहेंगे । यही राम मंदिर ट्रस्ट के सामने सबसे बड़ा द्वंद है । ट्रस्ट के सामने असमंजस यह भी है कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान राम लला की आयु 5 वर्षीय बालक की है और प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह माना जाता है कि प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति जीवंत हो जाती है । यही कारण है कि उसे सुलाया , नहलाया , खिलाया जाता है । अब ऐसे में बालक रूपी राम को विश्राम देना भी जरूरी है और यही बात ट्रस्ट कह रहा है । रामनवमी पर दर्शन अवधि बढ़ाने को लेकर सबसे बड़ा असमंजस यही है ।

 चंपत राय महासचिव श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट .. दिन में कोई विश्राम नहीं है 15 से 20 मिनट दोपहर को कोशिश करते हैं कि बालक सो जाए, ना सोए लेकिन आराम । 14 घंटे दर्शन करने के लिए 18 घंटे मंदिर खोलना पड़ता है अगर हमने 18 घंटे दर्शन कराए तो इसका मतलब है कि 22 घंटे मंदिर खोलना पड़ेगा आप ही बताएं की करें क्या...? जिसे दर्शन करना है उसे इससे क्या लेना देना मुझे सुझाव दिया गया है कि खाना पीना बंद 4 दिन तक रोटी नहीं मिलेगी हमने कहा ऐसा कर सकते हैं बशर्ते आप भी ना खाएं खुद सोएंगे 7 घंटे भगवान 1 मिनट भी ना सोए यह मेरे सामने द्वंद है भगवान 5 वर्ष के बालक हैं ना सुलाएं , सोच लीजिए सब यह विचार जरूर है की कोई निराश न जाए,  सबको दर्शन हो अभी तक चार लाइन में हो रहे थे अब सो रहे हैं कि 7 लाइन में हो सकता है ऐसा विचार हो रहा है ।

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