ताजमहल के मुख्य मकबरे में गंगाजल अभिषेक के कारण पानी की बोतलों पर प्रतिबंध"
ताजमहल, विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर और प्रेम का प्रतीक, अपनी अनूठी सुंदरता और भव्यता के लिए जाना जाता है। प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक इस संगमरमर के अद्भुत निर्माण को देखने आते हैं। हाल ही में, ताजमहल के मुख्य मकबरे में गंगाजल अभिषेक करने की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जिसके कारण इस अमूल्य धरोहर के संरचनात्मक और सांस्कृतिक महत्व को खतरा पैदा हो रहा है।
गंगाजल अभिषेक की परंपरा हिंदू धर्म में पवित्र मानी जाती है, लेकिन ऐतिहासिक स्मारकों में इस तरह के अभिषेक से संरचना को नुकसान पहुंच सकता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने इन घटनाओं के मद्देनजर ताजमहल के मुख्य मकबरे में प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय ताजमहल के संरक्षकत्व और उसकी दीर्घकालिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
नए नियमों के तहत, पर्यटकों को ताजमहल के मुख्य मकबरे में प्रवेश से पहले अपनी पानी की बोतलें बाहर ही छोड़नी होंगी। इसके बजाय, पर्यटकों के लिए मकबरे के बाहर और आगंतुक केंद्र में स्वच्छ पीने के पानी की व्यवस्था की गई है, जहां वे मुफ्त में पानी प्राप्त कर सकते हैं। इससे पर्यटकों को ताजमहल के परिसर के अंदर गंगाजल या अन्य किसी भी तरल पदार्थ के साथ प्रवेश करने से रोका जा सकेगा।
ताजमहल के अधिकारियों ने फोन पर कहा, "हम ताजमहल की संरचना की सुरक्षा और उसके सांस्कृतिक महत्व की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। गंगाजल अभिषेक की घटनाओं के कारण स्मारक को संभावित नुकसान से बचाने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया था।"
प्रशासन ने ताजमहल के बाहर और आगंतुक केंद्र में स्पष्ट निर्देशों के साथ सूचना बोर्ड लगाए हैं, ताकि पर्यटक नए नियमों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। पर्यटकों को ताजमहल के प्रति सम्मान बनाए रखने और उसके ऐतिहासिक महत्व की रक्षा के लिए सहयोग करने की अपील की गई है।





