रिटायर्ड IAS अधिकारी के मौत के बाद तीन महिलाओं ने ठोका पत्नी होने का दावा, प्राधिकरण ने एक ट्रांसफर प्रॉपर्टी को किया निरस्त
रिटायर्ड IAS अधिकारी के मौत के बाद तीन महिलाओं ने खुद को पत्नी बताते हुए प्रॉपर्टी पर दावा कर दिया है। एक महिला के नाम पर तो कुछ प्रॉपर्टी ट्रांसफर भी कर दिए गए थे हालाकि मामला संज्ञान में आने के बाद प्राधिकरण ने रजिस्ट्रेशन को निरस्त कर दिया। अब तीनो महिलाओं के दावों के बाद नोएडा प्राधिकरण ये चर्चा का विषय बना हुआ है।
हरिशंकर मिश्रा PCS से प्रमोट होकर IAS बने थे 2014 में रिटायर हो गए। बताया जा रहा है कि इसी साल 11 जुलाई को गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। हरिशंकर मिश्रा लीवर के बीमारी से ग्रसित थे। हरिशंकर मिश्रा की नोएडा में करोड़ो रुपए की प्रॉपर्टी है। जिसमें सेक्टर 62 स्तिथ एक 180 मीटर का कोठी है जिसकी कीमत करोड़ो के बताई जाती है। हरिशंकर मिश्रा के मौत के कुछ दिन बाद एक महिला नोएडा प्राधिकरण पहुंची और खुद को रिटायर्ड IAS हरिशंशकर मिश्रा की पत्नी बताया। 30 वर्षीय महिला शीबा शिखा ने हरिशंकर मिश्रा का डेथ सर्टिफिकेट और शादी का सर्टिफिकेट प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने रखा। जिसके बाद महिला के नाम पर प्रॉपर्टी ट्रांसफर का प्रक्रिया शुरू हो गया।
बीते 4 दिसंबर को महिला सीबा शिखा के नाम पर 180 मीटर में बने कोठी का म्यूटेशन भी हो गया। बड़ी बात यह थी कि महिला ने जो शादी का सर्टिफिकेट प्राधिकरण में जमा किया वो रिटायर्ड IAS हरिशंकर मिश्रा के मौत का 8 दिन पहले का था। इसी बीच अनीता मिश्रा नाम की एक महिला नोएडा प्राधिकरण पहुंची और खुद को रिटायर्ड IAS हरिशंकर मिश्रा की पत्नी बताया। महिला ने शादी के दस्तावजे और हरिशंकर मिश्रा का डेथ सर्टिफिकेट प्राधिकरण में जमा कराया। महिला का दावा है उसकी शादी हरिशंकर मिश्रा से 27 साल पहले हुई थी उसका एक 24 साल का बेटा और 23 साल की बेटी भी है। वही दूसरी महिला के दावों के बाद प्राधिकरण ने पहली महिला के नाम ट्रांसफर किए प्रॉपर्टी को निरस्त कर दिया।
इसी बीच एक 45 वर्षीय महिला और प्राधिकरण पहुंच गई और खुद को रिटायर्ड IAS की बेटी बताया। महिला ने दावा किया कि रिटायर्ड IAS की असली पत्नी उसकी मां है जो कुशीनगर में है। वही प्राधिकरण में ये पूरा मामला चर्चा का विषय बन गया। फिलहाल प्राधिकरण ने पहले दावा करने वाले महिला के नाम ट्रांसफर प्रॉपर्टी को निरस्त कर दिया। वही और अन्य संपति के ट्रांसफर पर रोक लगा दिया। प्राधिकरण के AGM संजीव के मुताबिक एक प्रापर्टी ट्रांसफर का मामला था जिसे निरस्त कर दिया गया है। दो महिलाओं ने पत्नी होने का दावा किया है जबकि एक महिला ने बेटी होने का दावा किया है तीनों ने दस्तावेज प्राधिकरण में जमा कराए है। मामले की जांच की जा रही है।





