"महाकुंभ 2025: कैदियों के हाथों बना इको-फ्रेंडली सामान, साधु-संतों के लिए खास भगवा कुर्ते तैयार"
फतेहपुर जेल के बंदियों ने महाकुंभ के मोनोग्राम के प्रिंट एक हजार झोलों को और भगवा कलर के कुर्ता जेल प्रशासन ने बंदीरक्षकों के हाथ प्रयागराज भेज दिए,महाकुंभ में प्रदूषण व गंदगी से मुक्ति के लिए इको फ्रेंडली काटन के झोलों की बिक्री की जाएगी।
जिला कारागार में साधु-संतों के लिए भगवा रंग के हाफ कुर्ता बनाने की कवायद शुरू हो गई है, जेल की 18 बैरकों में वर्तमान समय 930 सजायाफ्ता कैदी व विचाराधीन बंदी विभिन्न अपराधों की सजा काट रहे हैं, जिसमें 30 के करीब महिला बंदी भी शामिल हैं। बंदियों द्वारा तैयार किए गए इको फ्रेंडली 1,000 रंगबिरंगे झोले और 500कुर्ता भी गत्तों में भरकर जेल प्रशासन ने महाकुंभ प्रयागराज रवाना कर दिया, झोलों को बिक्री के लिए भेजा गया जेल सुपरिटेंडेंट ने बताया कि जींस कपड़े का झोला 100 रुपये में तो काटन झोला 15 रुपये में बेचा जाएगा, हाफ कुर्ता 180 रुपये मे बेचे जाए गे और इन झोलों की बिक्री का 10 प्रतिशत झोला बनाने वाले कैदियों को मिलेगा, जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जेल में कैदियों द्वारा तैयार किए गए भगवा, नीले व मटमैले रंग के 1,000 झोलों को महाकुंभ, प्रयागराज भेज दिया गया है। झोलों में ऊं. सर्वसिद्धप्रद: कुम्भ महाकुम्भ प्रयागराज 2025 प्रिंट कराया गया है। झोलों के बाद अब साधु-संतों के लिए भगवा रंग के हाफ कुर्ते बनवाए जाएंगे। करीब 500 भगवा कुर्ते बन रहे है इनको भी तैयार होते ही प्रयागराज भेज दिया जाएगा।





